जोजिला टनल : जो दूरी को तय करने में तीन घंटे लगते थे वो महज 15 मिनट में पूरी हो जाएगी।

 

आधारभूत संरचना यानी इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी देश के विकास उतना ही जरूरी है जितना जीने के लिए ऑक्सीजन। इन्फ्रास्ट्रक्चर किसी देश की आर्थिक गतिविधियों के लिए ही जरूरी नहीं होता है बल्कि वहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार और गरीबी मिटाने में भी मददगार होता है। 

आर्थिक मोर्चे पर आज चीन अगर भारत से खासा आगे है तो उसकी वजह यह भी है उसने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर सुनियोजित तरीके से ध्यान दिया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में चीन की स्थिति भारत से काफी बेहतर है। चीन ने इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जितना खर्च किया है उससे उसके देश में गरीबी को कम करने में भी मदद मिली है।



मोदी जी की पिछली सरकार में गडकरी जी की गिनती सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों में होती रही है 

गडकरी जी ने पिछले कार्यकाल में राजमार्ग विकास के क्षेत्र में काफी काम किया. उन्होंने पिछले कई सालों से अटकी पड़ी सड़क परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और ढांचागत विकास के क्षेत्र में काफी काम किया

देश के राजमार्गों सहित ढांचागत सुविधाओं को बेहतर बनाना और लघु उद्योगों के जरिये रोजगार के अवसर सृजित करना वरिष्ठ बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री नितिन जयराम गडकरी जी की प्राथमिकताओं में शामिल है


 लद्दाख के कारगिल इलाके को कश्मीर घाटी के साथ जोड़ने वाली जोजिला टनल के निर्माण का काम 15 Oct 2020 से शुरू हो गया है। टनल के निर्माण कार्य की शुरुआत केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले विस्फोट के लिए बटन दबाकर की। लद्दाख अब बाकी भारत से किसी मौसम में अलग नहीं होगा। हर बार सर्दियों में भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर-लेह-लद्दाख हाइवे बंद हो जाता है। जोजिला सुरंग से यह परेशानी दूर हो जाएगी। इसे एशिया की दो दिशा वाली सबसे लंबी टनल माना जा रहा है। 



इस सुरंग की नींव मई 2018 में ही रख दी गई थी। लेकिन टेंडर पाने वाली IL&FS दीवालिया हो गई। उसके बाद हैदराबाद की मेघा इंजिनियरिंग को 4,509 करोड़ रुपये में इसका ठेका मिला।

 

 

 


 

Project Timeline

·        अक्टूबर 2013: कैबिनेट ने सड़क सुरंग परियोजना को मंजूरी दी

·        मई 2017 : चार निजी कंपनियां  L&T , ILFS ,जेपी इंफ्राटेक और रिलायंस इंफ्रा ने  10 हजार करोड़ की परियोजनाओं के लिए ने बोली लगाई

 

·        जुलाई 2017: IL&FS को प्रोजेक्ट मिला. कंपनी ने परियोजना के लिये 4,899 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी और इसे सात साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा था

 

·        जनवरी 2018- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 साल में टनल बनाने को मंजूरी दी

·        मई 2018- पीएम मोदी ने नींव रखी

·        मार्च 2019- एक बार फिर टनल के लिए बोली लगी क्योंकि IL&FS दिवालिया हो गई

·        जून 2020- सुरंग के निर्माण के लिए बोली लगाने का काम शुरू हुआ

·        Aug 2020 -मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को टनल बनाने का काम मिला

·        अक्टूबर 2020- 15 अक्टूबर 2020 को, राजमार्ग मंत्रीनितिन गडकरी ने NH1 पर सभी मौसम Zoji-la सुरंग के लिए पहला विस्फोट कर टनल के निर्माण की शुरुआत की

 

The specialty of Zojila tunnel


·        यह सुरंग बनने के बाद श्रीनगर, द्रास, करगिल और लेह के इलाके हर मौसम में जुड़े रहेंगे। रणनीतिक रूप से भी यह बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रोड के जरिए सियाचिन में तैनात जवानों को भी सप्लाई जाती है।

·        यूरोपीय मानकों के अनुसार, हर 125 मीटर की दूरी पर इमर्जेंसी कॉल करने की सुविधा होगी।

·        पूरी सुरंग में ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगेगा। मैनुअल फायर अलार्म का बटन भी होगा। 

·        सुरंग की दीवारों पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। सुरंग शुरू होने और खत् होने पर खंभे लगाकर कैमरा इंस्टॉल होंगे।

·        3 हजार मीटर की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे के नीचे स्थित है

·        इसके जरिए सिर्फ आम लोगों को फायदा मिलेगा बल्कि सेना को भी फायदा मिलेगा क्योंकि तब कारगिल से लद्दाख तक वर्ष भर उनका आवागमन संभव बना रहेगा

·        श्रीनगर से लेह के बीच का सफर तीन घंटे से घटकर अब सिर्फ 15 मिनट का रह जाएगा

·        श्रीनगर से लेह के रास्ते पर अब बर्फबारी की चिंता खत्म हो जाएगी

 


सरकार का कहना है कि इस टनल के बन जाने पर लद्दाख क्षेत्र में रोजगा के पर्याप्त अवसर तैयार होंगे। लद्दाख की खूबसूरत वादियों में पर्यटकों की आवक में इजाफा होगा। फिलहाल यहां हवाई मार्ग के जरिए ही ज्यादातर टूरिस्ट आते हैं।

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